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मेरे प्यारे नबी
हमारे प्यारे नबी मुहम्मद (अलैहिस्सलाम) की बुलंद और मुबारक ज़िंदगी को 59 भाषाओं में मुफ़्त पढ़ें और दूसरों तक पहुँचाएँ।
हरनबी(सलवातुल्लाहि तआलाअलैहिममअजमईन) अपनेज़मानेमें, अपनीजगह पर, अपनीपूरीक़ौमौमसेहरलिहाज़हाज़सेबुलंदहै।मुहम्मदअलैहिस्सलामस्सलामतोहरज़माने में, हरमुल्कमें, यानीदुनियायाकेपैदाहोनेकेदिननसेक़यामतयामतक़ायमायमहोनेतक, आ चुकीऔरआनेवालीतमाममौजूदातमेंहरलिहाज़हाज़सेसबसेबुलंदहैं।कोईभी किसीसीभीलिहाज़हाज़सेआपसेबुलंदनहींहै।यहकोईमुश्किललबातनहीं।जोचाहेसो करनेवालेऔरजोचाहेपैदाकरनेवालेनेहीआपकोऐसापैदाकियायाहै।किसीसी इंसानमेंआपकीतारीफ़काहक़अदाकरनेकीताक़ततनहीं, औरकिसीसीमेंआपपर तनक़ीदीदकरनेकीक़ुदरतुदरत(ताक़त) त) भीनहीं।” सैयदअब्दुलहकीमअरवासी (क़द्दसल्लाहुतआलासिर्रहुलहुलअज़ीज़) मदरसतुलमुतख़स्सिसीनसीनकेऑर्डिनेरियस यसप्रोफ़ेसर
किताब के बारे में
यह क़ीमती किताब उलमा की एक बड़ी जमाअत की बरसों की बारीक और लगन भरी मेहनत का फल है। इसके पहले अनुवाद से लेकर आज तक के बीस सालों में इसे नक़्शों और ऐतिहासिक तस्वीरों से और भी समृद्ध किया गया है।
इसका सबसे गहरा मक़सद हमारे बेहद प्यारे और बड़ी इज़्ज़त वाले नबी मुहम्मद (अलैहिस्सलाम) की मुबारक ज़िंदगी को बयान करने से भी आगे है। हमारी दिली तमन्ना है कि ये पन्ने हर पढ़ने वाले के दिल में उनकी मोहब्बत का कम से कम एक छोटा-सा बीज बो सकें।
अध्याय
- 1मेरे प्यारे नबी
- 2पेश लफ़्ज़
- 3प्रस्तावना
- 4कायनात के सुल्तान नबी-ए-करीम
- 5ख़ुशख़बरियाँ
- 6दुनिया में तशरीफ़ लाना (पैदाइश)
- 7आपका बचपन
- 8आपकी जवानी और निकाह
- 9मक्का मुकर्रमा का दौर
- 10आपकी बेसत और दावत
- 11तकलीफ़ें, सितम और ज़ुल्म
- 12हब्शा की तरफ़ हिजरत
- 13मुहासरा (घेराबंदी)
- 14ग़म का साल
- 15मक्का – ताइफ़ का सफ़र
- 16मेराज
- 17अक़बा की बैअतें
- 18हिजरत
- 19मदीना मुनव्वरा का दौर
- 20सहाबा-ए-किराम की तरबियत
- 21सलमान फ़ारसी का मुसलमान होना
- 22ग़ज़वे और सरिय्ये
- 23बद्र का ग़ज़वा
- 24उहुद का ग़ज़वा
- 25रजीअ का वाक़िआ
- 26बीर-ए-मऊना का वाक़िआ
- 27बनू नज़ीर का ग़ज़वा
- 28छोटी बद्र का ग़ज़वा
- 29ख़न्दक़ का ग़ज़वा
- 30बनू क़ुरैज़ा का ग़ज़वा
- 31बारिश की दुआ
- 32हुदैबिया का वाक़िआ
- 33दावतनामे
- 34ख़ैबर की फ़तह
- 35लैलतुत तअरीस का वाक़िआ
- 36उमरतुल क़ज़ा का सफ़र
- 37मूता की जंग
- 38मक्का की फ़तह
- 39हुनैन का ग़ज़वा
- 40वे इलाक़े जहाँ ज़कात के आमिल भेजे गए
- 41तबूक का ग़ज़वा
- 42हज का फ़र्ज़ होना
- 43हज्जतुल विदा
- 44ख़ुत्बा-ए-विदा
- 45नबी-ए-करीम का इंतिक़ाल
- 46तारीख़वार वाक़िआत
- 47दीन से फिर जाने की तहरीकें
- 48दूसरा हिस्सा क़ब्र की ज़िंदगी
- 49नबी-ए-करीम से तवस्सुल
- 50नबी-ए-करीम के मुबारक नाम
- 51हिल्या-ए-सआदत
- 52नबी-ए-करीम के बुलंद अख़लाक़
- 53नबी-ए-करीम की फ़ज़ीलतें
- 54नबी-ए-करीम का इस्तिग़फ़ार
- 55नबी-ए-करीम की शफ़ाअत
- 56नबी-ए-करीम के मोजिज़े
- 57नबी-ए-करीम के अहले बैत
- 58नबी-ए-करीम की औलाद
- 59नबी-ए-करीम के सहाबा
- 60नबी-ए-करीम की कुछ ज़ाइद सुन्नतें
- 61तीसरा हिस्सा दीन-ए-इस्लाम
- 62अहले सुन्नत का अक़ीदा
- 63अहकाम-ए-इस्लामिया (अहकाम-ए-शरइय्या)
- 64ईमान की शर्तें
- 65इस्लाम की शर्तें
- 66नमाज़ पढ़ना
- 67सतर की जगह और औरतों का पर्दा
- 68नमाज़ पढ़ने का तरीक़ा
- 69ज़कात देना
- 70रोज़ा
- 71हज
- 72क़ुरबानी करना
- 73आख़िरत की ज़िंदगी
- 74मय्यत से मुताल्लिक़ दीनी फ़रीज़े
- 75कुफ़्र का बयान
- 7654 फ़र्ज़
- 77बड़े गुनाह
- 78मुहम्मद अलैहिस्सलाम की पैरवी
- 79हक़ीक़ी मुसलमान होने की शर्तें
- 80माख़ज़ – हवाले की किताबें
यही किताब दूसरी भाषाओं में
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